इन हसरतों को जब से पर लगे
तुझसे बिछड़ने का बस डर लगे
ज़रा और मोहलत दे ज़िंदगी
बिन उन के तनहा सफर लगे
अजब शुरुआत है रात की
बड़ी अपनी सी सहर लगे
तेरी मोहब्बत तो सनम
इक मीठा सा जेहर लगे
इन हसरतों को जब से पर लगे ....
तुझसे बिछड़ने का बस डर लगे
ज़रा और मोहलत दे ज़िंदगी
बिन उन के तनहा सफर लगे
अजब शुरुआत है रात की
बड़ी अपनी सी सहर लगे
तेरी मोहब्बत तो सनम
इक मीठा सा जेहर लगे
इन हसरतों को जब से पर लगे ....
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