Wednesday, January 29, 2014

वो मेरा कभी हुआ नहीं ...

हो जाते जिसके उम्र भर 
वो हमसफ़र मिला नहीं 
उतरता कैसे यूँ भला ?
ये प्यार है नशा नहीं 

क्या यकीन करोगी तुम
क्या होगा तुमको ऐतबार
मेरा सब कुछ तुम्ही तो हो
मेरा कोई खुदा नहीं

ढूंढोगे जब भी दिलसे मुझे 
मिलूंगा मैं वहीं कहीं
याद ये रखना उम्र भर
मैं दूर हूँ जुदा नहीं 

किसी से करूँ मैं क्या शिकायत 
करूँ मैं किसी से क्या गिला 
चाहा था जिसको  उम्र भर
वो  मेरा कभी  हुआ नहीं ...

नरेश 'मधुकर'

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